मंगलवार, 20 नवंबर 2012

Nithin's Mistake

एक दिन बचपन से मैं एक बहुत गलती की। यह अनुभव बहुत बुरा है लेकिन मैं इसकेलिए बहुत सखा। जब मेरा माता पिता शिकागो एक दिन के लिए जाए मैंने अपना पिताजी की गाडी चलाया। मैं सिर्फ अपना लाइसेंस मिला और मैं चलाना बहुत चाहिए। मैं दूर नहीं गया लेकिन मैंने फिल्म थियेटर जाकर "Up" देखा। मुझे यह फिल्म बहुत अच्छी लग गई। फिल्म के बाद मैं अपना दोस्त का घर गया और फिर मैंने गाडी के पीछे एक लाल और नीला लपट देखा। मैं अपनी धीमा करने लगा। मैं बहुत डर लगने लगा। जब मैं रोको एक पुलिसमैन मेरी और चला। वह मुझे बात करके एक वारनिंग दिए। इसके बाद मैं अपना घर वापास जाकर अपना माता पिता का इंतज़ार किया। एक घंटा के बाद मेरा माता पिता वापास गया। लेकिन वे कोई नहीं देखा और मैं उनको नहीं बताया। यह मेरी दुसरी गलती थी क्योंकि एक हफ्ते के बाद अपने माता पिता मेरा गलती ने मिला। मेरा पिता उसका गाडी में मेरा फिल्म टिकट मिला। फिर वे मुझे बात करने लगा। हम दो या तीन घंटे मेरा टिकट और पुलिस का सामना बात किया। मेरा पिता मुझको बहुत निराश होता था। मैं तीन हफ्ते के लिए सजा दिया। मैं कोई नहीं किया। मेरी माँ अपना कंप्यूटर ली और मैंने अपना आप से गाडी ना चलाया। मैं इस घटना से बहुत सीखा। पहली मैं सीखा कि मैं अपने माता-पिता कभी नहीं झूट बोलना पड़ा। और मैं भी मेरा भाप की गाडी कभी नहीं चलाया। और मैं ये कभी नहीं भूल गया।

Sanskriti Varma-Hw 18

जी हा मेरे से भूल हुई है। जब मैं सिर्फ पांच साल की थी मैंने मेरे पिता जी की फ़ोन छुपायी थी। मुझे याद है कि मुझे बहुत ख़ुशी और हसी हो रही थी। मेरे पिता जी बहुत नाराज़ ये और मेरी माँ भी क्रोधी हुई थी। जब मैं छोटी थी तो मैं बहुत शरारती थी। मुझे मेरे माता पिता को तंग करने में बहुत मज़ा आता था। वे मुझे रोज शेतान कहते थे। जब मेरे पिता जी ने चिला चिला कर मेरे से फ़ोन वापस माँगा, लेकिन मैं भूल गयी थी के मैंने फ़ोन कहा रखा था। मैं धुंद धुंद कर  थक  गयी थी और पूरा दिन फ़ोन नहीं मिला। मेरे माता पिता बहुत नाराज़ हो गए अरे मेरे उपर बहुत चिलाये। जी हा जब मैं छोटी थी तो मैं भुल्ल्क्ड  थी।  मेरे पिता जी फिर मेरे ढूंढे में मदद की और रात को फ़ोन मिल गया। उस हाथसे के बाद मैंने वापस मेरे पिता जी का सामान नहीं छुपाया और मेरा शेतानी भी कम हो गया था। फिर मैं भुलाकर भी नहीं थी और मुझे तब से सब याद होता है। मैं बड़े हो कर ज़िम्मेदार बन गयी हूँ। 

भूल


ज़ाहिर है कि बच्चे गलतियाँ करते हैं। लेकिन कभी-कभी बूढ़े लोग बच्चों को ख़राब आदतें सिखाते हैं या बच्चे बूढ़ों से कुछ-कुछ सीखते हैं।  बच्चे बूढ़े लोगों के कारण कभी-कभी शैतान बनते हैं।

एक पड़ोसी, ज़ौग साहब, एक बूढ़े आदमी थे जिसकी पत्नी मरी हुई थी।  वे जर्मनी से द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद अमरीका आये थे।  मुझे नहीं पता क्या करते थे, मतलब, क्या उसकी नौकरी थी, लेकिन जब मैं पैदा हुआ था वे काम नहीं करते  शायद जब मेरे माता-पिता अमरीका आये तब वे कुछ भी करता हों।

मेरे एक ही भाई हैं जो मुझसे दो साल बड़े हैं।  बचपन में लगता था कि हम जुड़वाँ थे।  हम गर्मी में अपने घर के पीछे दिन भर खेलते थे।  इसलिये हम ने बहुत चीज़ेन, जो ज़ौग साहब ने बोली, सुनी।  फ़िर हम दुबारा आपस में बोले।  एक दिन हमारी माँ हम को सुन कर चौंक गई क्योंकि हमको सारे गालियाँ आती थी।  उसने हम को डाँट कर समझ गई कि हमारी गलती नहीं थी।  ज़ौग साहब और पड़ोस का डाकिया, दूसरा बूढ़ा आदमी, रोज़ दोपहर को बात करते थे।  वे कितने गन्दे शब्द मुझे सीखाते थे!

फ़िर माँ ने हमको ज़ौग साहब के पास नहीं खेलने दिया था और हम सब शब्द भूल गये क्योंकि बच्चे नहीं याद करते हैं।  लेकिन मैं आज-काल अपनी भाषा की देखबाल करता हूँ।  मैं छात्रों और अपने परिवार के सामने साफ़ से बोलता हूँ।  मैं सीखा है कि बच्चे गलतियाँ कर सकते हैं लेकिन पता है कि बच्चे सीखते हैं, मतलब, युवे लोग बच्चों को ख़राब आदतें सिखाते हैं।

Mistake

मुझसे कई साड़ी भूल हुई है। लेकिन एक भूल जो मुझे अच्छी तरह याद है तब हुई जब में आठ साल का था। मैं और मेरा परिवार फ्रांस गए थे और यह मेरी पहली यात्रा भारत के बाहर थी। तो मुझे बहुत उक्सुकता थी। मैं और मेरा परिवार कई जगह घूमे। एक दिन मैं अपनी माँ के साथ बहुत बरे मॉल में गया। वहा बहुत भीड़ भडाका था। मैंने एसा मॉल कभी नहीं देखा था। हर जगह सामान था और लोग चीज़े खरीद रहे थे। मेरी माँ हैंडबैग और कपड़े देखना चाहती थी। जब भी मेरी माँ यह करती तो मैं बहुत पक जाता। इस बार भी यही हुआ। मैं अपनी मम्मी के साथ एक जगह से दूसरी जगह घूमते घूमते थक गया। मेरी मान कपड़े "फिटिंग रूम" में पेहेनने गयी। जाने से पहले उनोहने कहा की, "आरुष, यहाँ से हिलना नहीं, मैं दो मिनट में आती हूँ। मैं वहीं खड़ा रहा और चारों ओर देखने लगा। फिर मेरी आँख खिलोनेवाले अनुभाग पर पड़ी। मुझे लगा की मैं तुरंत वहां जाऊंगा और वापिस आ जाऊंगा। तो मैं गया और खिलोनो को देखने लगा। जब मैंने वापिस जाने की कोशिश कड़ी, मुझे एहसास हुआ की मैं अपना रास्ता खो गया हूँ। मैं इतने बड़े मॉल में खो गया था। 

मैं बहुत रोया। हर जगह मैंने अपनी माँ को खोजने की कोशिश की। आधा घंटा हो गया और मुझे मेरी माँ नहीं दिखी। अचानक से किसी का हाथ मेरे कन्दे पर पड़ा और जिन लोगो के साथ हम मॉल आये थे उन में से एक आदमी ने मुझे ढूंढ लिया। वह मेरी माँ के पास मुझे ले गए। मेरी माँ को बहुत चिंता हुई और उनकी शकल से यह नज़र आ रहा था। वह बहुत गुस्सा हुई लेकिन बहुत खुश भी। मैंने उस दिस यह सीखा की माँ की बात हमेशा सुन्नी चाहिए। 

main rishtedaro ki junmdin hamesha bhulti hun

हर साल मैं बहुत भूल हुई। मैं हमेशा मेरा माता-पिता और भाई और बहन की जन्मदिन भूल हुई।  दो दिन पहले मैंने अपना बहन को कहा "जन्मदिन मुबारक हो!" जब उसका जन्मदिन नहीं है।  और पहले साल मैंने अपना माँ की जन्मदिन ही भुला था।  मुझे बहुत खुराब लगता था, लेकिन मेरी परिवार कहा "कोई समस्या नहीं" और उन्होंने उसको एक उपहार दिया और उसको बात किया मुझसे है।  मैं पता नहीं क्यों मैं कभी नहीं अपने ही परिवार की जन्मदिन याद करती हूँ।  कभी कभी मई सोचती हूँ कि ऐसा इसलिए मेरा बहुत सरे रिश्तेदारे हैं। लेकिन तो मैं सोचती हूँ कि मेरा बहन और माता-पिता सब लोगो की जन्मदिन पता हैं और वे कभी नहीं भूलते हैं।  यह साल में मैं फेसबुक की इस्तेमाल कर रही हूँ और शायद मैं अपना पिता की जन्मदिन नहीं भूलूंगी। मेरा माता-पिता चीज मैं बनाने अच्छा लगते हैं। इस वजह से मुझे काफी समय चाहिए। जब मैं उनके जन्मदिन भूल जाते है तो मैं कुछ चीज़े नहीं बना सकती हूँ। 

Amrisha's Big Mistake

पिछले साल मुझसे एक बहुत बड़ी भूल हुई । मेरे वजह से मेरा पूरा परिवार को देल्लिस (Dallas) की फ्लाईट (flight) को छूटना पड़ा । यह है पूरी कहानी : सर्दी थी और कुछ दिन में क्रिसमस होने वाला था । क्रिसमस के कारण मेरा परिवार देल्लिस  जा रहा था । मेरी माँ मुझे पुरे हफ्ते बार-बार कहरी थी "पैकिंग करो ! पैकिंग करो !" लेकिन बस एक दिन बाक़ी था देल्लिस जाने में और छुट्टी पर जाने से पहले मैं अपने दोस्तों से मिलना चाती थी । तो मैं सोची कि मैं दोस्तों से मिलने के बाद पैकिंग कर सकती हूँ । मैं और मेरे दोस्त एक पार्टी में गये और मैं मजाक और हलचल में घड़ी को देखने भूल गई। सोचा कि मैं उपर जाकर थोरी देर सो सकती हूँ । जब मैं उठी मैंने घड़ी को देखा और सुबह को नौ बजा था । तब मुझे याद आया कि मुझे घर जाना है और पैकिंग करना है ! फ्लाईट दो घंटे में छुटने वाली थी और जब तक मैं घर पहुंची और सब चीजों को पैक करा बहुत देर हो चुकी थी । देल्लिस की फ्लाईट छूट गई थी । मेरे माता-पिता मुझ पर बहुत गुस्से हुए । मुझसे यह भूल होने के बाद मैंने सीखा कि पार्टी जाने से पहले या अपने दोस्तों के साथ मजाक करने से पहले मुझे सब जरूरी काम करना चाहये । मैंने यह भी सीखा कि जब वक्त पर कहीं होना है तो घड़ी पर ध्यान देना चाहये ।  



Emmaline's Big Mistake

एक बार मैं एक बड़ी भूल हो गई थी। वह मेरी पहले दिन एन अर्बोर में था। मिशिगन यूनिवर्सिटी से स्वीकृती पत्र प्राप्त करने के बाद, मैं उन्मुखीकरण के लिए एन अर्बोर यात्रा पड़ी थी। क्योंकि मैं बहुत दूर रहते हूँ, मैं एन अर्बोर रात पहले गाड़ी घ्लाना उन्मुखीकरण से करने का फैसला की। मैं दोस्तों के साथ उस रात रुके की। उन्होंने मुझे बताया कि मैं उनकी घर के सामने मैरी स्ट्रीट पर पर्क कर सकती हूँ। तो, मैंने किया। फिर मैं एक तीन दिन उन्मुखीकरण के लिए छोड़ की। उन्मुखीकरण बहुत अच्छा था। मैं एन अर्बोर के चमत्कार की खोज की है, और मैंने मिसिगन यूनिवर्सिटी के बारे में बहुत कुछ है। तीन दिनों के बाद, मैं उन्मुखीकरण छोड़ की और अपने दोस्तों के घर वापस चला गई। जब मैं उनके घर पहुंची, मैं अपनी गाड़ी नहीं मिल सकती थी। मेरी दिल रुका था। मैं नहीं जानती थी कि यह क्या हुआ। फिर बस, मैं एक रस्सा कंपनी के लिए एक हस्ताक्षर देखी। मेरी गाड़ी लाया गई थी। मेरी गाड़ी के ऊपर एक चिह्र है कि कहा था, "बुधवार पर कोई नहीं पार्किंग है।" मैं वह नहीं देख जब मैं पार्क की गई है क्योंकि वह बाहर अंधेरा था। मैं चिह्न पर फोन नंबर बुलाई थी। मैं पुलिस स्टेशन चलना पड़ी थी कि मैं अपने टिकट के लिए भुगतान करती थी और मेरी गाड़ी जारी कर सकती थी। मुझे लगी जैसे मैं रो सकती थी। यह मेरी पहली टिकट था। पुलिस स्टेशन के बाद, मैं रस्सा कंपनी को सात मिल चलती थी। मैं 250 डॉलर का भुगतान करने से पहले मैं अपनी गाड़ी वापस मिल सकती थी। मैं मुर्ख पार्किंग भूल पर 400 डॉलर कुल भुगतान कर पड़ी थी। मैं वह लंबी और भयानक दिन से एक बहुत सीखी। सबसे पहले, मैंने सीखा कि यह कैसे भयानक और शहर में पार्क करना और गाड़ी चलाना है। भी, मैंने सीखा था कि मैं बहुत सावधानी पार्क चाहिए। एक छोटी सी भूल बहुत मुसीबत, पैसा और समय खर्च कर सकता है। 

Nikhil Vohra: HW 18

जब मैं उच्च विद्यालय में पढ़ता था तब मैं बहुत अच्छी फुटबोल खेलता था। मेरी उम्र पंद्रह साल थी लेकिन मैं दुसरे खिलाड़ियों से शरीर में बहुत छोटा था। फुटबोल के मैचों में मुझे बहुत चोटे लगती थी। मेरे माता पिता इस बात का बहुत चिंता करते थे। वे मुझे हर रोज़ फुटबोल छोरने के लिए बोलते थे। जिस दिन फुटबोल के मैच में मेरी टांग टूटी उस दिन से मेरे माता पिता ने फुटबोल खेलने से मुझे मना कर दिया। मैं अपनी चोट से बहुत निराश था। अब मुझको अपने माता पिता के गुस्से से भी डरना पड़ रहा था। मैं अपने मन में बहुत दुखी था। मेरी टांग को ठीक होने में चार महीने लग गये। उस समय में मेरी टीम के खिलाड़ी बहुत याद आते थे। मैंने अपने माता पिता की बात सुनकर फुटबोल खेलना छोर दी। मेरे ख्याल में वह मेरी बहुत बड़ी भूल थी। अब मुझे महसूस होता है कि जिंदिगी में जिस चीज़ के लिए जोश होता है उसे छोरना नहीं चाहिए। फुटबोल खेलने से मुझे बहुत ख़ुशी मिलती थी। टीम के खिलाड़ी मेरे प्रिय दोस्त थे। फुटबोल छोरकर मैंने अपने दोस्तों से दूरी महसूस की। फुटबोल खेलने से मेरी जिंदगी अनुशासन था। फुटबोल के आलावा मैं टेनिस भी खेलता था। पर टेनिस खेलने में मुझे इतना जोश नहीं था। इसलिए मैं अब तक टेनिस इतना अच्छा नहीं खेल सकता। मैंने अपने मन में सोच लिया कि जीवन में मैं अपने दिल की बात सुनूंगा। तबी मैं जीवन में खुश और सफल हो सकता हूँ।


सोमवार, 19 नवंबर 2012

HW #18


मै अपना जीवन में बहुत भूल हुई है। मेरा जीवन में कुछ बड़ऐ  थे और कुछ भूल छोटे थे। सभी भूल से यह मेरा मन में एक सबसी बड़ी है। इस भूल हुआ जब मै मिडिल स्कूल में था। यह कहानी के पहले मै खा कि मै एक दिन में बहुत  मुसीबत नहीं हुआ था। तो यह भूल हुआ था जब मै सातवीं  कक्षा में था। यह मेरा इकोनॉमिक्स कलास में था। मै भूल गया कि यह कलास में एक होमवर्क देय था। इस होमवर्क दस अंक था। मै सभी अंक चाहता था। मै देखा कि  मुझे पास एक लड़की होमवर्क पूरा की। तो मेंने पुछा अगर में उसकी होमवर्क मुझे पास दिया। उसने हा खा। मै उसकी होमवर्क नकल किया लेकिन मेरा गुरु मुझे होमवर्क होमवर्क नकल करना देकी। वह मेरा होमोर्क लिया और मुझे होमवर्क पर एक 0 दिया। मैं बहुत शर्मिंदा औत दुखी था। मैं अपना माता-पिता को नहीं बताया या जब तक मेरे पिता कंप्यूटर पर देखा। जब मेरे माता-पिता देखा वे बहुत निराश और दुखी थे। उन्हें पता के बाद मैं अपना गुरु के साथ बात करना गया। मैं अपना गुरु खा कि मुझे माफ की। यह भूल से बहुत  सीखा। मैं सीखा कि नकल करना अच्छा नहीं है और लायक नहीं है। मैं भी सीखा कि अपना माता-पिता मैं के लिए परवह करते हैं। मैं यह सीखा जब मैं छोटा था। यह अच्छा है कि मै बचपन में सीकख। मेरे गुरु मुझे में बहुत निराश था लेकिन मेरे गुरु बहुत अच्छी था। मेरा जीवन के लिया मैं इस भूल याद करऊँगा  मैं भी जीवन के लिए सबक मैने सीखा याद करऊँगा।   
मेरी कम जीवन में मैं बहुत गलतियों हुई हूँ। लेकिन मैंने अपनी भूलो से सीखा है। पिछले साल मैंने मेरी दोस्त की गारी उधार पे ली थी। मैं दुकान जाना चाहता थी। उन दिनों में, ट्रैफ़िक बहुत ख़राब था। मुझे पता नहीं क्यों लेकिन शायद उस दिन एक फुटबॉल गेम थी। मैं बहुत सावधानी से चल रही थी। लेकिन सब लोग सड़क में सावधानी से नहीं चल रहे थे। तो, मैं ट्रैफिक लाइट में थी और मैं सही मोड़ ले रही थी। आगे जो भी हुआ बहुत बुरा हुआ--जब मैंने सही मोड़ लिया एक गारी ने ठोक दिया। भाग्यवश, मैं ठीक थी और अन्य लोग भी ठीक थे। लेकिन मेरी दोस्त की गारी ठीक नहीं थी। यद्यपि, मेरी गलती नहीं थी, मैं चला रही थी तो मैं जिम्मेदार थी। मुझे नहीं पता था की क्या करना चाहिए था। मैं रोने लगी। लेकिन मैं इसे ठीक करने के लिए अपनी दोस्त को सच कहना चाहती थी। तो, मैंने मेरी दोस्त को फोन करके खराब खबर दी। वह बहुत गुस्सा नहीं थी  लेकिन वह खुश भी नहीं थी। उसने पुछा कि अगर वह चला  सकती है। मैं ने कहा कि ,  "जी हाँ". 

तो, यह है मेरी एक बहुत बड़ी गलती। मैं ने सीखा कि मुझे गारी चलते हुए बहुत सावधान रहना चाहिए । अंत में, मैंने  छह सौ डॉलर का भुगतान किया। मैं अभी भी दोषी महसूस करती हूँ। लेकिन मुझे लगता है की मैंने सही चुनाव किया. क्योकि मेरी दोस्त अभी भी मेरी दोस्त है और उसकी माता और पिता जी मुझ पे गुस्सा नहीं हैं। सच कहना महत्वपूर्ण है।